नियम जरूरी हैं?

सब बताते हैं कि नियम जरूरी हैं,

चाँद तारे हमेशा कायदे से आते हैं।

पहाड़, नदियाँ, धरती, आसमान,

दिन रात समय से भूमिका निभाते हैं।

कुछ नियम प्रकृति के हैं, उसकी लय है,

कुछ हमने बनाए, हमारे लिए हैं।

नियम जो दुनिया चलाते हैं, सब निभाते हैं,

संस्कृति का आईना, व्यवस्था दर्शाते हैं।

ये नियम ज़रूरी हैं, ये ना हों,

तो दुनिया बिखर जाएगी।

इन पर चलने से संतुलन रहता है,

सबको अपना रिश्ता मालूम रहता है।

पैदा हुए तो ट्विंकल ट्विंकल लिटिल स्टार याद कर लो,

ए फॉर एप्पल, बी फॉर बॉल सब अच्छे से रट लो।

एक के बाद एक क्लास में जो घोल के मिले, पी जाओ,

दोस्त बनाओ, प्रेम करो, ज़्यादा खुल के मत बताओ।

होश संभालते डॉक्टरी या इंजीनियरिंग में से चुन लो,

जो ना समझ आये तो कॉमर्स से औसत ख्वाब बुन लो।

फिर दिन रात जूते घिस, ठीक-ठाक सी नौकरी ढूंढ लो,

साथी मिले तो ठीक, नहीं तो डॉटकॉम वाले मॉल पर मिलो।

अब तुम यहाँ तक पहुँचे, सब कुछ नियम से किया,

बढ़िया ज़िंदगी, पर तय तुम्हारे लिए दुनिया ने किया।

तुमको विश्वास दिलाया, "अरे! यही चाहिए था तुम्हें!

गाड़ी निकल पड़ी, चलो-चलो दावत पर ले जाओ हमें!"

अब तुम सोचोगे क़िला फ़तेह कर लिया,

जैसे जीना था, उसी हिसाब से जिया।

फिर आयेगा काली रात का साया धपाक से,

दरवाज़ा तोड़ के पूछेगा, लड़ेगा हक़ से!

"ये जो चुना है तूने, इसमें तेरा क्या है?

किसने बताया तुझे यही तेरी रज़ा है?"

तुम चिल्लाओगे, उसे गाली देके भगाओगे,

वो और हसेगा, फिर तुम थक सा जाओगे।

क्योंकि अंदर की बात, मज़ेदार और रंगीन है,

बेशक! रंगीन से ज़्यादा पेचीदा और संगीन है!

दुनिया से छिपकर सब नियम तोड़ना चाहते हैं,

सवालों से दूर, नयी दुनिया के सपने सजाते हैं!

वो दुनिया जिसमें नियम ज़रूरी नहीं हैं,

जहां सहूलतें कम हैं,पर जरूरतें भी कम हैं,

 पुराने रिवाजों से परे, खुले पंछी सी उड़ान है,

 युवा प्रेम जैसा अल्हड़पन है, पर अपेक्षाएं नहीं,

 उन्माद है, क्रोध है, शरारत है, पर अनादर नहीं,

 ना हमेशा रहने का वादा, ना औरों से दूरी का इरादा,

 जहां कोई तुम्हें रोक न पाएगा, जहां हर परिचय,

नए जीवन सा अनुभव कराएगा!

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Ritika

Assistant Professor, Malaviya National Institute of Technology Jaipur. PhD, Indian Institute of Technology Roorkee.